बुधवार, 27 मई 2026

क्लास 10 विष के दांत (कहानी)

 विष के दांत (कहानी)

Question 1: शीर्षक की सार्थकता

कहानी का शीर्षक कथानक, पात्रों तथा उनकी मानसिकता के साथ पूर्णतः न्याय करता है। यह शीर्षक समाज में हो रहे लिंग भेद, बच्चों के प्रति अभिभावकों के दृष्टिकोण, तथा खोखा जैसे पात्र की विशिष्टता को रेखांकित करता है। शीर्षक पाठक का ध्यान कहानी के मूल भाव की ओर आकर्षित करता है, इसलिए वह पूरी तरह सार्थक है।
Question 2: सेन साहब के परिवार में लिंग आधारित भेद-भाव
सेन साहब के परिवार में बालकों (खोखा) और बालिकाओं के बीच पालना-पोषण, व्यवहार और अपेक्षाओं में भेद स्पष्ट था। लड़कों को स्वतंत्रता, प्यार-दुलार, और सभी तरह की छूट थी, जबकि लड़कियों को सीमाएँ, अनुशासन व कठोरता दी जाती थी। लड़कियों के जीवन से सुख व स्वतंत्रता दूर रखी जाती थी जबकि खोखा को विशेष सुविधाएँ प्राप्त थी।
Question 3: खोखा किन मामलों में अपवाद था?
खोखा सेन दंपती का इकलौता बेटा था -- परिवार के सभी लोगों से अधिक दुलार, छूट और महत्व उसे दिया जाता था। उसके लिए परिवार के नियम बदल जाते थे, उसे कभी डांटा-फटकारा नहीं जाता था। लड़कियाँ जहाँ अनुशासन में रहती थीं, वहीं खोखा को हर गलती माफ़ थी।
Question 4: खोखा में संभावनाएँ और तयशुदा शिध
सेन दंपती खोखा को परिवार का भविष्य मानते थे। वे उसमें बड़े अधिकारी, डॉक्टर या इंजीनियर बनने की संभावनाएं देखते थे। उसके लिए अति-मूल्यवान शिक्षा, अच्छी सुविधाएँ, विभिन्न प्रतियोगिताओं में भागीदारी सुनिश्चित की थी। वे हर प्रकार का त्याग कर उसे आगे बढ़ाना चाहते थे।
Question 5: सप्रसंग व्याख्या
(क) "लड़कियाँ क्या हैं, कठपुतलियाँ हैं और उनके माता-पिता को इस बात का गर्व है।"
यह कथन समाज में व्याप्त लिंग भेद और लड़कियों की स्वतंत्रता सीमित करने की प्रवृत्ति, तथा अभिभावकों की सोच को उजागर करता है। लड़कियों को सवाल करने की, अपनी मर्जी से जीने की अनुमति नहीं दी जाती, उन्हें कठपुतली की तरह परंपराओं में बांध दिया जाता है।
(ख) "खोखा के दुर्ललित स्वभाव के अनुसार ही सेनों ने सिद्धांतों को भी बदल लिया था।"
इसका आशय है कि खोखा की जिद, शरारतें और गलतियों के बावजूद माता-पिता उसके प्रति अपने सभी नियम-सीमाएँ बदल लेते थे। उनके सिद्धांत सिर्फ बेटियों तक सीमित रह जाते थे, बेटा होने के कारण खोखा हर बार छूट पा जाता था।
(ग) "ऐसे ही लड़के आगे चलकर गुंडे, चोर और डाकू बनते हैं।"
यह कथन अनुशासनहीनता, अत्यधिक दुलार, और गलत व्यवहार को बिना दंड दिए जाने के दुष्परिणाम की ओर संकेत करता है -- ऐसे बच्चों का भविष्य खराब हो सकता है।
(घ) "हंस कौओं की जमात में शामिल होने के लिए ललक गया।"
इसका तात्पर्य है कि कोई योग्य या उत्कृष्ट व्यक्ति यदि अनुचित संगति में पड़ जाता है, तो उसकी अच्छाइयाँ भी दब जाती हैं। यहाँ कथानक के संदर्भ में खोखा की संगति और चरित्रगत गिरावट पर इशारा है।
Question 6: सेन साहब, मित्रों की बातचीत और पत्रकार मित्र की सलाह
सेन साहब और मित्रों के बीच बच्चों के पालन-पोषण, अनुशासन, और संवादों को लेकर बहस होती है। पत्रकार मित्र ने उन्हें सलाह दी कि बच्चों में भेद-भाव न करें और बेटियों को भी वे सब अवसर व अधिकार दें, जो वे बेटे को देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास उचित मार्गदर्शन से ही संभव है।
Question 7: मदन और ड्राइवर विवाद, काशू-मदन झगड़ा, लेखक का उद्देश्य
मदन और ड्राइवर के बीच विवाद संपत्ति, हैसियत एवं अहंकार का परिचायक है। काशू और मदन का झगड़ा मूलतः ईर्ष्या, पक्षपात और उचित-अनुचित की समझ के अभाव से उत्पन्न होता है। लेखक इस प्रसंग के द्वारा सामाजिक विषमता, लिंग भेद तथा बच्चों के मनोविज्ञान को उजागर करना चाहता है।
Question 8: 'महल और झोपड़ी वालों की लड़ाई में अक्सर महल वाले ही जीतते हैं, पर उसी हालत ...'
(यह प्रश्न अधूरा है, अतः आगे की पंक्ति न होने से उत्तर स्पष्ट रूप से नहीं दिया जा सकता। पूछे गए भाग का संकेत यह है कि सामाजिक या आर्थिक संघर्ष में प्रायः संपन्न वर्ग की जीत होती है, परंतु कभी-कभी परिस्थितियाँ बदलती भी हैं या अन्य भाव व्यक्त किए जाते हैं।) 

CLASS 9 लाल पान की बेगम | लेखक - फणीश्वरनाथ रेणु BIHAR बोर्ड

 

 यहाँ 'लाल पान की बेगम' पाठ से जुड़े सभी प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं।


 1. बिरजू की माँ को लाल पान की बेगम क्यों कहा गया है?

उत्तर:

लाल पान की बेगम' ताश के पत्तों का सबसे ताकतवर और खूबसूरत पत्ता होता है। इसी रूपक (Metaphor) का इस्तेमाल रेणु जी ने बिरजू की माँ के दबंग व्यक्तित्व और सुंदरता को दर्शाने के लिए किया है |

2. कहानी में बिरजू की माँ बैठी मन-ही-मन क्यों कुढ़ रही थी?

उत्तर: बिरजू की माँ इसलिए कुढ़ रही थी क्योंकि उसका पति वादा करने के बावजूद समय पर बैलगाड़ी नहीं ला पाया था, जिससे वह बलरामपुर का नाच नहीं देख सकी। वह अपने स्वाभिमान और इच्छाओं की पूर्ति न होने के कारण नाराज थी।

3. “नवान्न के पहले ही नया धान जुठा दिया”—इस कथन से बिरजू की माँ का कौन-सा मनोभाव प्रकट हो रहा है?

उत्तर: इस कथन से बिरजू की माँ की धार्मिक आस्था और परंपरागत विचारधारा का पता चलता है। वह इस बात को लेकर सजग है कि नवान्न (नई फसल) का अन्न पहली बार देवी-देवताओं को अर्पण किए बिना खाना अनुचित है।

4. ‘लाल पान की बेगम’ कहानी की सार्थकता स्पष्ट करें।

उत्तर: ‘लाल पान की बेगम’ कहानी ग्रामीण परिवेश की सजीव तस्वीर प्रस्तुत करती है। इसमें गरीबी, ईर्ष्या, सामाजिक द्वेष, और साथ ही ग्रामीण समाज की खुशियों और उम्मीदों का गहरा चित्रण है। कहानी का शीर्षक बिरजू की माँ के चरित्र की विशिष्टता को दर्शाता है, जो अपनी कठिनाइयों के बीच भी आत्मसम्मान बनाए रखती है।

5. रेणु के साहित्य में आंचलिकता का क्या महत्व है?

उत्तर: रेणु के साहित्य में आंचलिकता का महत्व बहुत अधिक है। वे अपने लेखन के माध्यम से गाँव के परिवेश, वहाँ की भाषा, रीति-रिवाज, और लोक-संस्कृति का सजीव चित्रण करते हैं। उनकी रचनाओं में ग्रामीण जीवन की सरलता और उसकी जटिलताओं का बहुत ही जीवंत वर्णन मिलता है।

6. “चार मन पाट (जूट) का पैसा क्या हुआ है, धरती पर पाँव ही नहीं पड़ते”—इस कथन का सप्रसंग व्याख्या करें।

उत्तर: यह कथन गाँव में धन-सम्पन्नता आने पर लोगों के स्वभाव में बदलाव का संकेत देता है। बिरजू की माँ के प्रति दूसरों की ईर्ष्या और ताने इस बात का संकेत हैं कि जरा-सा धन मिलने पर लोग किस प्रकार घमंड महसूस करने लगते हैं। यह कथन ग्रामीण समाज की मानसिकता पर व्यंग्य है।

7. बिरजू की माँ और पिता के संबंधों में कड़वाहट स्थाई है या अस्थाई? इसके कारणों पर विचार कीजिए।

उत्तर: बिरजू की माँ और पिता के संबंधों में कड़वाहट अस्थाई है। उनकी कड़वाहट गरीबी और अपूर्ण इच्छाओं का परिणाम है। कहानी के अंत में बिरजू के पिता का धान लाना और बिरजू की माँ का गुस्सा कम होना इस बात का संकेत देता है कि उनके संबंधों में प्यार और समझ का भी भाव है।

8. गाँव की गरीबी और आपसी क्रोध के बावजूद वहाँ एक प्राकृतिक प्रसन्नता कैसे निवास करती है?

उत्तर: गाँव के लोग अपनी कठिनाइयों के बीच भी छोटी-छोटी खुशियों को ढूंढ लेते हैं। नाच देखने की तैयारी, बच्चों की चंचलता, और एक-दूसरे के साथ मिलकर बिताए गए पल गाँव की उस प्राकृतिक प्रसन्नता को दर्शाते हैं, जो जीवन की कठिनाइयों को भी सुंदर बना देती है।

9. बिरजू और चंपिया की चंचलता और बालमन के कुछ उदाहरण प्रस्तुत करें।

उत्तर: बिरजू और चंपिया की चंचलता का उदाहरण उस समय मिलता है जब बिरजू अपनी माँ से गुड़ मांगता है और चंपिया उसे चुपके से शकरकंद दे देती है। इसके अलावा, बिरजू का ‘मलेटरी टोपी’ बनाना और चंपिया का नाच में जाने की इच्छा भी उनकी बालसुलभ चंचलता को दिखाते हैं।

10. कहानी ‘लाल पान की बेगम’ का सारांश लिखें।

उत्तर: कहानी ‘लाल पान की बेगम’ में बिरजू की माँ के संघर्ष, उसके स्वाभिमान और ग्रामीण जीवन की सजीव तस्वीर दिखाई गई है। कहानी में नाच देखने की इच्छा और उसकी तैयारियों के माध्यम से गाँव की गरीबी, ईर्ष्या, परंपराएं, और लोगों की सरलता का वर्णन मिलता है।

11. कहानी के मुख्य पात्रों का परिचय दीजिए।

उत्तर:

  • बिरजू की माँ: स्वाभिमानी और संघर्षशील महिला, जो अपने परिवार के लिए समर्पित है।
  • बिरजू: एक चंचल और मासूम बच्चा, जो अपनी बहन के साथ नाच देखने की उम्मीद में रहता है।
  • चंपिया: बिरजू की बहन, जो अपने भाई के साथ मिलकर माँ के गुस्से से बचने की कोशिश करती है।
  • बिरजू के पिता: मेहनती किसान, जो परिवार के लिए अपनी क्षमताओं से बढ़कर प्रयास करता है।

12. फणीश्वरनाथ रेणु के लेखन में दृश्य चित्रण की विशेषता बताइए।

उत्तर: रेणु के लेखन में दृश्य चित्रण की विशेषता यह है कि वे शब्दों के माध्यम से एक जीवंत दृश्य प्रस्तुत करते हैं। उनके वर्णनों में गाँव के खेत-खलिहान, मौसम, और वहाँ के लोक-जीवन का सजीव चित्रण मिलता है, जो पाठक को उस परिवेश का हिस्सा बना देता है।

13. बिरजू की माँ की मनोदशा में परिवर्तन कब और कैसे होता है?

उत्तर: बिरजू की माँ की मनोदशा में परिवर्तन तब होता है जब उसका पति बैलगाड़ी और धान की पँचसीस लेकर घर आता है। इससे उसे अपनी स्थिति पर गर्व महसूस होता है और उसका गुस्सा शांत हो जाता है।

14. कहानी में ईर्ष्या और द्वेष के क्या कारण हैं?

उत्तर: गाँव की आर्थिक असमानता, जमीन के बँटवारे और छोटे-छोटे संपत्ति विवाद गाँव में ईर्ष्या और द्वेष के प्रमुख कारण हैं। बिरजू की माँ के पास थोड़ी संपत्ति आने से उसे दूसरे लोगों की आलोचनाओं और तानों का सामना करना पड़ता है।

15. ‘लाल पान की बेगम’ कहानी का संदेश क्या है?

उत्तर: ‘लाल पान की बेगम’ कहानी का संदेश यह है कि कठिनाइयों और अभावों के बावजूद जीवन में छोटी-छोटी खुशियों और आत्मसम्मान की अपनी जगह होती है। यह कहानी हमें बताती है कि ग्रामीण जीवन की सादगी में भी गरिमा और संघर्ष की कहानी छिपी होती है।

16. बिरजू की माँ के चरित्र की क्या विशेषताएँ हैं?

उत्तर: बिरजू की माँ एक आत्मसम्मानी और स्वाभिमानी महिला है। वह कठिनाइयों का सामना करते हुए भी अपने स्वाभिमान को बनाए रखती है। उसका अपने बच्चों के प्रति स्नेह है, लेकिन वह अनुशासन में विश्वास रखती है। उसे अपनी आर्थिक स्थिति का एहसास है, लेकिन वह अपनी इच्छाओं का दम नहीं घुटने देती।

17. कहानी में बिरजू की माँ का बैलगाड़ी को लेकर इतना उत्साहित होना किस बात का संकेत है?

उत्तर: बैलगाड़ी पर नाच देखने जाने का सपना बिरजू की माँ के लिए एक खास अनुभव का प्रतीक है। यह उसके लिए सामाजिक प्रतिष्ठा और अपने सपनों को पूरा करने का माध्यम है। यह उसे अपनी गरीबी से ऊपर उठने का एक अवसर लगता है, जिससे वह अपने गांव वालों के सामने गर्व महसूस कर सके।

18. फणीश्वरनाथ रेणु की भाषा-शैली की क्या विशेषताएँ हैं?

उत्तर: फणीश्वरनाथ रेणु की भाषा-शैली में आंचलिकता की विशेषता है। वे ग्रामीण परिवेश की भाषा और बोलचाल को अपनी रचनाओं में कुशलता से प्रस्तुत करते हैं। उनके लेखन में सरलता, सजीवता, और गाँव की मिट्टी की महक झलकती है, जो पाठक को ग्रामीण जीवन की सजीव तस्वीर देती है।

19. बिरजू की माँ और मखनी फुआ के संवाद से गाँव की किस मानसिकता का पता चलता है?

उत्तर: बिरजू की माँ और मखनी फुआ के संवाद से गाँव की लोगों की ईर्ष्या और आपसी मतभेद का पता चलता है। उनके बीच की तकरार से स्पष्ट होता है कि गाँव में लोग एक-दूसरे की छोटी-छोटी सफलताओं और संपत्ति पर ध्यान देते हैं और ईर्ष्या करते हैं। इससे ग्रामीण समाज की आपसी प्रतिस्पर्धा और एक-दूसरे की खुशियों में कड़वाहट की भावना झलकती है।

20. बिरजू की माँ का अपने पति से असंतोष क्या दर्शाता है?

उत्तर: बिरजू की माँ का अपने पति से असंतोष उनके जीवन की कठिनाइयों और अधूरी इच्छाओं का प्रतीक है। वह अपने पति को कोल्हू के बैल की तरह खटने वाला समझती है, जिससे उसे जीवन में कोई विशेष खुशी नहीं मिली। यह असंतोष गरीबी और संघर्षपूर्ण जीवन के प्रति उसकी नाराजगी को दर्शाता है।

शनिवार, 11 अप्रैल 2026

Bihar Board Class 10 Hindi Solutions पद्म Chapter 1 राम बिनु बिरथे जगि जनमा

Bihar Board Class 10 Hindi Solutions पद्म Chapter 1 राम बिनु बिरथे जगि जनमा  

प्रश्न 1.कवि किसके बिना जगत् में यह जन्म व्यर्थ मानता है?

उत्तर-कवि राम-नाम के बिना जगत में यह जन्म व्यर्थ मानता है। राम-नाम के बिना व्यतीत होने वाला जीवन केवल विष का भोग करता है।

प्रश्न 2 वाणी कब विष के समान हो जाती है?

उत्तर- जब वाणी वाह्य आडंबर से सम्पन्न होकर राम नाम को त्याग देती है तब वह विष हो जाती है। राम-नाम के अतिरिक्त उच्चरित ध्वनि काम-क्रोध, मद सेवन आदि से परिपूर्ण होती है।

प्रश्न 3. नाम-कीर्तन के आगे कवि किन कर्मों की व्यर्थता सिद्ध करता है?

उत्तर-पुस्तक पाठ, व्याकरण के ज्ञान की बखान, दंड कमण्डल धारण करना, सिखा बढ़ाना, तीर्थ भ्रमण, जटा बढ़ाना, तन में भस्म लगाना, वस्तहीन होकर नग्न रूप में घूमना इत्यादि कर्म ईश्वर प्राप्ति के साधन माने जाते हैं। लेकिन कवि कहते हैं क

प्र 5. हरिस्स से कवि का अभिप्राय क्या है?

उत्तर-कवि राम नाम की महिमा का बखान करते हुए कहते हैं कि भगवान के नाम से बढ़कर अन्य कोई धर्म साधना नहीं है। भगवत् कीर्तन से प्राप्त परमानंद को हरि रस कहा गया है। भगवान् के नाम कीर्तन, नाम स्मरण में डूब जाना, हरि कीर्तन में रम जाना और कीर्तन में उत्साह, परमानंद की अनुभूति करना ही हरि रस है। इसी रस पान से जीव धन्य हो सकता है।

प्रश्न 6.कवि की दृष्टि में ब्रह्म का निवास कहाँ है?

उत्तर-जो प्राणी सांसारिक विषयों की आसक्ति से रहित है, जो मान-अपमान से परे हे, हर्ष-शोक दोनों से जो दूर है, उन प्राणियों में ही ब्रह्म का निवास बताया गया है। काम, क्रोध, लोभ, मोह जिसे नहीं छूते वेसे प्राणियों में निश्चित ही ब्रह्म का निवास है।

प्रश्न 7. गुरु की कृष्ण से किस युक्ति की पहचान हो पाती है ?

उत्तर- कवि कहते हैं कि ब्रह्म से साक्षात्कार करने हेतु लोभ, मोह, ईर्ष्या, द्वेष, निंदा आदि से दूर होना आवश्यक है। ब्रह्म के सानिध्य प्राप्ति के लिए सांसारिक विषयों से रहित होना अत्यन्त जरूरी है। जो प्राणी माया, मोह, काम, क्रोध लोभ, हर्ष-शोक से रहित ते उसमें ब्रह्म का अंश विद्यमान हो जाता है। वह ब्रह्म को प्राप्त कर लेता है। ब्रह्म प्राप्ति की यही युक्ति की पहचान गुरु कृपा से ही हो पाती है। गुरु बिना ब्रह्म को पाने की युक्ति का ज्ञान नहीं मिल सकता। अर्थात् ब्रह्म को पाने के लिए गुरु का कृपा पात्र होना परमावश्यक है।

प्रश्न 8. व्याख्या करें

(क) राम नाम बिनु अरुझि मरे ।

(ख) कंचन माटी जाने ।

(ग) हरष सोक ते रहे नियारो, नाहि मान अपमाना।

(घ) नानक तीन भयो गोविंद सो, ज्यों पानी संग पानी।

 

उत्तर-

 

(क)  प्रस्तुत पद्मांश हमारी पाठ्य-पुस्तक हिंदी साहित्य के महान संत कवि गुरुनानक के द्वारा लिखित 'राम नाम बिनु निर्गुण जग जनमा" शीर्षक से उद्धृत है। गुरुनानक निर्गुण निराकार ईश्वर के उपासक तथा हिंदी की निर्गुण भक्ति धारा के प्रमुख कवि है। यहाँ राम नाम की महत्ता पर प्रकाश डालते हैं।

(ख)  प्रस्तुत व्याख्येय पंक्ति में कवि ब्रह्म को पाने के लिए सुख-दुःख से परे होना परमावश्यक बताते हैं। वे कहते हैं कि ब्रह्म को वहीं प्राप्त कर सकता है जो लोक मोह ईर्ष्या-द्वेष, काम-क्रोध से परे हो। जो व्यक्ति सोना को अर्थात् धन को मिट्टी के समान समझकर परब्रह्म की सच्चे हृदय से उपासना करता है वह ब्रह्ममय हो जाता है। जो प्राणि सांसारिक विषयों में आसक्ति नहीं रखता है। उस प्राणि में ब्रह्म निवास करता है।

(ग)   प्रस्तुत पंक्ति हमारी पाठ्य-पुस्तक हिंदी साहित्य के संत कवि गुरुनानक द्वारा रचित 'जो नर दःख में दःख नहीं माने शीर्षक से उद्धृत है। प्रस्तुत पंक्ति में संत गुरुनानक उपदेश देते हैं कि ब्रहा के उपासक प्राणि को हर्ष-शोक, सुख-दुख, निदा प्रशंसा, मान-अपमान से परे होना चाहिए। इन संबके पृथक रहने वाले प्राणियों में ब्रह्म का निवास स्थान होता है।प्रस्तुत पंक्ति में कवि कहते हैं ब्रह्म निर्गुण एवं निराकार है। वैराग्य भाव रखकर ही हम उसे पा सकते हैं। झूठी मान्, बड़ाई या निदा शिकायत की उलझन मनुष्य को ब्रह्म से दूर ले जाता है। ब्रह्म को पाने के लिए, सच्ची मुक्ति के लिए हर्ष-शोक, मान अपमान से दूर रहकर, उदासीन रहते हुए ब्रह्म की उपासना करना बाहिए।

(घ)   प्रस्तुत प हमार्य पाठ्य पुस्तक हिंदी साहित्य के महान संत कवि गुरुनानक के द्वारा रचित 'जो नर दुःखं में दःख नहीं माने" पाठ से उद्धृत है। इसमें कवि ब्रह्म की सत्ता की महत्ता को बताते हैं। मनुष्य जन्म का अंतिम लक्ष्य ब्रह्म को पाना बताते हुए कहते हैं कि सांसारिक व्यक्ति से दूर रहकर मनुष्य को ब्रह्ममय होने की साधना करनी चाहिए। गुरु कृपा से ईश्वर की प्राप्ति । संभव है। प्रस्तुत व्याख्येय पंक्ति के माध्यम से कवि कहना चाहते हैं। इस मानवीय जीवन में ब्रह्म को पानी की सच्ची युक्ति, यथार्थ उपाय करना आवश्यक है। पर ब्रह्म को पाना प्राणि का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए। जिस प्रकार पानी के साथ पानी मिलकर एकसमान हो जाता है उसी प्रकार जीव जब ब्रह्मा के सानिध्य में जाता है तब ब्रह्ममय हो जाता है। जीवात्मा एवं परमात्मा में जब मिलन होता है तब जीवात्मा भी परमात्मा बन जाता है। दोनों का भेद मिट जाता है। कवि कहते हैं कि यह जीव ब्रह्म का ही अंश है। जब हम विषयों की आसक्ति से दूर रहकर गुरु की प्रेरणा से ब्रह्म को पाने की साधना करते हैं तब ब्रह्म का साक्षात्कार होता है और ऐसा होने से जीव ब्रह्ममय हो जाता है।

 

प्रश्न 9.

 

आधुनिक जीवन में उपासना के प्रचलित रूपों को देखते हुए नानक के इन पदों की क्या प्रासंगिकता है? अपने शब्दों में विचार करें।

 

उत्तर-

 

आधुनिक जीवन में उपासना के विभिन्न स्वरूप दिखाई पड़ते हैं। ईश्वरीय उपासना में लोग तीर्थाटन करते हैं. जटा-बढ़ाकर, भस्म रमाकर साधु वेश धारण करते हैं। गंगा खान दान पुण्य करते हैं। मंदिर मस्जिद जाकर परमात्मा की पुकार करते है। साथ ही आज धर्म के नाम पर विभेद भी किया जाता है। धर्म को प्रतिष्ठा प्राप्ति के साधन मानकर धार्मिक बाह्याडम्बर अपनाया जा रहा है। बड़े-बड़े धार्मिक आयोजन किये जाते हैं जिसमें अत्यधिक धन का व्यय भी किया जाता है। फिर भी लोगों को सुख-शांति नहीं मिलती है। आज लोग भटकाव के पथ पर अग्रसर है। समयाभाव में ईश्वर के सानिध्य में जाने हेतु कठिनतम उपासना के मार्ग को अपनाने में तमे अभिरुचि नहीं रख रहे हैं। इसलिए धार्मिक क्षेत्र में भटकाव आ गया है। हम कह सकते है कि नानक के पद में वर्णित राम नाम की महिमा आधुनिक जीवन में सप्रासंगिक है। हरि-कीर्तन सरल मार्ग है जिसमें न अत्यधिक धन की आवश्यकता है नहीं कोई बाह्याडम्बर की। आज भगवत् नाम रूपी रस का पान किया जाये तो जीवन में उल्लास, शांति, परमानन्द सुख ईश्वरीय अनुभूति को प्राप्त किया जा सकता है। हरि रस पान से जीवन को धन्य बनाया जा सकता है। नानक के उपदेश को अपनाकर पधार्थ से मुक्त होकर हम जीवन में ब्रह्म का साक्षात्कार आज भी कर सकते हैं।

class 10 जाति प्रथा और श्रम विभाजन - महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

 जाति प्रथा और श्रम विभाजन - महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

1. श्रम विभाजन और जाति प्रथा के लेखक कौन है ?

(a)  डॉक्टर संपूर्णानंद
(b) 
बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर
(c) 
डॉ राम मनोहर लोहिया
(d) 
महात्मा गांधी

Answer- b

2. ‘श्रम विभाजन और जाती प्रथाके  लेखक बेरोजगारी का प्रमुख और प्रत्यक्ष कारण किसे मानते हैं ?

(a)  अशिक्षा को
(b) 
जनसंख्या को
(c) 
जाति प्रथा को
(d)   
उद्योग धंधों की कमी को

Answer- c

3. श्रम विभाजन और जाति प्रथा क्या है ?

 (a)  कहानी
(b) 
साक्षात्कार
(c)   
निबंध
(d) 
भाषण

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

Answer- c

4. डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का जन्म कब हुआ ?

(a)   14 अप्रैल 1989
(b)  14
अप्रैल 1971
(c)  14
अप्रैल 1891
(d)  14
अप्रैल 1981

Answer- c

5. डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का जन्म कहां हुआ था

(a)  महू, मध्य प्रदेश
(b) 
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश
(c) 
दानकुनी, पश्चिम बंगाल
(d) 
डुमराँवबिहार

अध्ययन ऐप

Answer- a

6. “मानव  मुक्ति  के  पुरोधा”  किसे  कहा गया है ?

(a)  मैक्समूलर  को
(b)
भीमराव आंबेडकर को
(c) 
यतीन्द्र मिश्रा को
(d) 
अमरकांत को

Answer- b

7. जाती -प्रथा स्वभाविक विभाजन नहीं है, क्यों ?

(a)  भेद भाव के करण
(b) 
शोषण के करण
(c) 
गरीबी के करण
(d) 
रूचि पर आधारित नहीं होने के कारण

जाति व्यवस्था अध्ययन

Answer-d

 

श्रम विभाजन और जाती प्रथा Class10th Hindi Chapter 1 mcq

8. लेखक के दृष्टि में विडंबन की बात क्या है ?

(a)  जातीवाद के पोषकों की कमी नहीं है
(b)
जातिवाद के पोषक नगण्य है
(c)
आर्थिक दृष्टि से जातिवाद उचित है
(d)
जातीवाद   लोकतंत्र के विरुद्ध नहीं है

Answer- a

9. लेखक की दृष्टि में आदर्श समाज कैसा होना चाहिए ?

कक्षा 10 हिंदी

(a)  जिसमें स्वतंत्रता समता और भातृत्व का भाव हो
(b) 
जिसमें सभी लिखे -पढ़े हो
(c) 
जिसमें सभी धनी  हो
(d) 
जिसमें सभी स्वस्थ हो

Answer- a

10. अंबेडकर की दृष्टि में, भाईचारे का वास्तविक रूप कैसा होना चाहिए ?

(a)  दूध और शक्कर के मिश्रण की तरह
(b) 
पानी और नमक के मिश्रण की तरह
(c) 
दूध और पानी के मिश्रण की तरह
(d) 
तिल और तंडुल के मिश्रण की तरह

Answer- c

11. सभ्य समाज की आवश्यकता क्या है ?

(a)  जाति -प्रथा
(b) 
दूध- पानी
(c)
नमक-पानी
(d) 
श्रम-विभाजन

Answer- d

12. भारतीय संविधान के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका किसने निभाई ?

(a)  भीमराव अंबेडकर
(b) 
राजगोपालाचारी
(c) 
महात्मा गांधी
(d) 
इनमे से कोई नहीं

Answer- a

13. निम्नलिखित रचनाओं में से कौन सी रचना डॉ आंबेडकर की है ?

(a)  द कास्ट ऑफ़ इंडिया
(b) 
हु आर शूद्राज
(c)
 अनटचेबल्स, यु आर  दे
(d)
ये सभी

जाति व्यवस्था अध्ययन

Answer- d

14. आंबेडकर के चिंतन एवं रचनात्मक के लिए निम्नलिखित में  से कौन प्रेरक व्यक्ति थे ?

(a)  बुद्ध
(b)
ज्योतिबा फुले
(c) 
कबीर
(d)
इनमे से सभी

Answer- d

15. जाती पाती तोड़कर मंडल भाषण लाहौर में, कब हुआ ?

(a)  1942 ईस्वी में
(b)  1946
ईस्वी में
(c)  1936
ईस्वी में
(d)  1938
ईस्वी में

Answer- c

16.आंबेडकर के भाषण एनिहिलेशन ऑफ़ कास्ट को किसने हिंदी में रूपांतरित किया ?

(a)  ललई सिंह यादव
(b)
मोहन बाजपेयी
(c)
किशोरी लाल
(d)
इनमे से कोई नहीं

कक्षा 10 हिंदी

Answer- a

 

श्रम विभाजन और जाती प्रथा Class 10th Hindi Chapter 1 Objective with Answer

17.आंबेडकर का जन्म किस परिवार में हुआ था ?

(a)  ब्रामण
(b) 
क्षत्रिये
(c) 
दलित
(d) 
कायस्थ

Answer- c

18.लेखक को इस युग में कहाँ पर विडंबना दिखाई दिया ?

टीवी ड्रामा

(a) जातिवाद में
(b)
नारीवाद में
(c)
परिवाद  में
(d)
निर्विवाद

Answer- a

19. डॉ आंबेडकर के पिता का क्या नाम था ?

(a) राधेराम सकपाल
(b)
रामदेव सकपाल
(c) 
रामजी सकपाल
(d) 
रामेश्वर सकपाल  

Answer- c

20. डॉ आंबेडकर के माता का नाम ?

जाति व्यवस्था अध्ययन

(a) रानी बाई
(b)
कुंती बाई
(c)
शीला भाई
(d)
भीमा बाई

Answer-d

21. भारत में जाति प्रथा का मुख्य कारण क्या है?

(a) बेरोजगारी
(b)
गरीबी
(c)
उद्योग धंधों की कमी
(d)
अमीरी

Answer-a

22. आधुनिक सभ्य समाज कार्यकुशलता के लिए किसे आवश्यक मानता है ?

(a) श्रम -विभाजन
(b)
धन -विभाजन
(c)
जन-विभाजन
(d)
जाती -विभाजन

Answer-a

23. ‘श्रम विभाजन और जाति प्रथापाठ बाबा साहब के किस भाषण का संपादित अंश है ?

(a) द कास्ट इन इंडिया: देयर मैकनिज्म
(b)
जेनिसिस एंड डेवलपमेंट
(c)
एनीहिलेशन ऑफ कास्ट
(d)
हु इज  सुद्राज

Answer-c

24. प्राथमिक  शिक्षा प्राप्त करने के बाद अंबेडकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए कहा गए ?

शिक्षा

(a) इटली
(b)
दक्षिण अफ्रीका
(c)
दक्षिण कोरिया
(d)
न्यूयॉर्क

Answer-d

25. डॉ भीमराव अंबेडकर ने पी. एच. डी. की उपाधि कब धारण की ?

(a) 1920 ईस्वी में
(b) 1928
ईस्वी  में
(c) 1916
ईस्वी में
(d) 1914
ईस्वी में

Answer- c


श्रम विभाजन और जाती प्रथा Class 10th Hindi Chapter 1 Objective Question

26. ” द कास्ट इन इंडिया : देयर मैकनिज्म की रचना किसने की ?

टीवी ड्रामा

(a) भीमराव अंबेडकर
(b)
राम मनोहर लोहिया
(c)
महात्मा गांधी
(D)
सुखदेव

Answer-a 

27. मूक नायक क्या है ?

(a) एक अखबार
(b)
एक पत्रिका
(c)
एक  पुस्तक
(d)
एक कहानी संग्रह

Answer- b

कक्षा 10 हिंदी

28.  डॉ भीमराव अंबेडकर की मृत्यु कब और कहां हुई थी ?

(a) 1956,  दिल्ली
(b) 1957 ,
मध्य प्रदेश
(c) 1958 ,
वाराणसी
(d) 1959, 
बिहार

Answer- a 

29. डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने निम्नलिखित में से किस पत्रिका का संपादन किया ?

(a) उज्जवल भारत
(b)
बहिष्कृत भारत
(c)
पुरस्कृत भारत
(d)
उज्ल भारत

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

Answer- b

30. भारतीय संविधान का निर्माता के रूप में हम  कीन्हे जानते हैं ?

(a) महात्मा गाँधी को
(b)
डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को
(c)
पंडित जवाहरलाल नेहरू को
(d)
सुभाष चंद्र बोस को

Answer- b

31. डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का वाङ्मय   हिंदी के कितने खंडों में प्रकाशित हो चुका है ?

(a) 15 खंडों में
(b) 17
खंडों में
(c) 19
खंडों में
(d) 21
खंडों में

जाति व्यवस्था अध्ययन

Answer- d

32. डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने किस प्रथा को आर्थिक पहलू से खतरनाक माना है ?

(a) सती-प्रथा
(b)
बाल-विवाह -प्रथा
(c) 
जाति-प्रथा
(d)
दहेज -प्रथा

Answer- c

33. जाति प्रथा, श्रम विभाजन के साथ- साथ  किसका रूप  लिए हुए हैं ?

(a) स्वतंत्रता का
(b)
श्रमिक विभाजन का
(c) 
मातृत्व का
(d)
इनमें से कोई नहीं

Books

Answer- b


Class 10 Hindi Chapter 1 श्रम विभाजन और जाती प्रथा Objective Question Answer

34 ‘आदर्श समाज स्वतंत्रता, समानता मातृत्व पर आधारित होगाऐसा किसने कहा था ?

(a) मैक्स मूलर ने
(b)
भीमराव अंबेडकर ने
(c) 
बिरजू महाराज ने
(d)
अज्ञेय ने

Answer- b

35. ______पेशे  का दोषपूर्ण पूर्व निर्धारण करती है:

कक्षा 10 हिंदी

(a) श्रम- विभाजन
(b)
प्रत्यक्ष
(c) 
जाति- प्रथा
(d)
लोकतंत्र

Answer- c

36. जाति प्रथा भारत में बेरोजगारी का ______कारण बनी हुई है ?

(a) प्रत्यक्ष
(b)
अप्रत्यक्ष
(c) 
प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष दोनों
(d)
इनमें से कोई नहीं

Answer- a

37. लेखक को इस युग में  कहाँ पर बिडम्बना दिखाई दिया :

टीवी ड्रामा

(a) नारीवाद में
(b)
जातिवाद में
(c)
निर्विवाद में
(d)
परिवारवाद में

Answer- b