गुरुवार, 16 जुलाई 2026

बिहार बोर्ड (BSEB) कक्षा 9 हिंदी (गोधूलि भाग-1) भारत का पुरातन विद्यापीठ नालंदा #राजेंद्र प्रसाद MCQ Questions & Answers

 1. भारत का पुरातन विद्यापीठ" के लेखक कौन हैं?

A) डॉ. राजेंद्र प्रसाद

B) प्रेमचंद

C) रामधारी सिंह दिनकर

D) महादेवी वर्मा

उत्तर: A

2. इस पाठ में किस प्राचीन विश्वविद्यालय का वर्णन है?

A) तक्षशिला

B) नालंदा

C) विक्रमशिला

D) काशी

उत्तर: B

3.नालंदा विश्वविद्यालय किस राज्य में स्थित है?

A) बिहार

B) उत्तर प्रदेश

C) मध्य प्रदेश

D) राजस्थान

उत्तर: A

4. नालंदा विश्वविद्यालय किसलिए प्रसिद्ध था?

A) उच्च शिक्षा

B) व्यापार

C) कृषि

D) उद्योग

उत्तर: A

5. नालंदा में विद्यार्थी कहाँ-कहाँ से आते थे?

A) केवल भारत से

B) केवल चीन से

C) भारत और विदेशों से

D) केवल नेपाल से

उत्तर: C

6. नालंदा विश्वविद्यालय में प्रवेश किस आधार पर मिलता था?

A) परीक्षा

B) धन

C) जाति

D) उम्र

उत्तर: A

7. नालंदा का विशाल पुस्तकालय किस नाम से प्रसिद्ध था?

A) धर्मगंज

B) ज्ञानगंज

C) विद्यागंज

D) पुस्तकगंज

उत्तर: A

8. नालंदा विश्वविद्यालय में कौन-सा धर्म विशेष रूप से पढ़ाया जाता था?

A) बौद्ध धर्म

B) जैन धर्म

C) सिख धर्म

D) ईसाई धर्म

उत्तर: A

9. नालंदा विश्वविद्यालय को किसने नष्ट किया था?

A) बख्तियार खिलजी

B) बाबर

C) अकबर

D) अशोक

उत्तर: A

10. डॉ. राजेंद्र प्रसाद भारत के कौन-से राष्ट्रपति थे?

A) प्रथम

B) द्वितीय

C) तृतीय

D) चतुर्थ

उत्तर: A

11.डॉ. राजेंद्र प्रसाद का जन्म किस राज्य में हुआ था?

A) बिहार

B) उत्तर प्रदेश

C) झारखंड

D) पश्चिम बंगाल

उत्तर: A

12.नालंदा विश्वविद्यालय में कौन-कौन से विषय पढ़ाए जाते थे?

A) धर्म

B) दर्शन

C) चिकित्सा

D) उपर्युक्त सभी

उत्तर: D

१३. नालंदा की ख्याति किस कारण थी?

A) उत्कृष्ट शिक्षा

B) व्यापार

C) खेती

D) युद्ध

उत्तर: A

14. नालंदा में शिक्षा कैसी थी?

A) निःशुल्क

B) महँगी

C) केवल राजाओं के लिए

D) केवल विदेशियों के लिए

उत्तर: A

15. नालंदा में कितने विद्यार्थी अध्ययन करते थे?

A) लगभग 10,000

B) 500

C) 1,000

D) 2,000

उत्तर: A

16. नालंदा में लगभग कितने आचार्य थे?

A) 1,500

B) 100

C) 250

D) 500

उत्तर: A

17. नालंदा का सबसे प्रसिद्ध विदेशी यात्री कौन था?

A) ह्वेनसांग

B) इब्न बतूता

C) मार्को पोलो

D) फाह्यान

उत्तर: A

18. नालंदा विश्वविद्यालय किस काल में प्रसिद्ध था?

A) प्राचीन काल

B) मध्यकाल

C) आधुनिक काल

D) वर्तमान काल

उत्तर: A

19. नालंदा किसका प्रतीक है?

A) ज्ञान और शिक्षा

B) व्यापार

C) राजनीति

D) युद्ध

उत्तर: A

20. डॉ. राजेंद्र प्रसाद किस आंदोलन से जुड़े थे?

A) स्वतंत्रता आंदोलन

B) हरित क्रांति

C) श्वेत क्रांति

D) चिपको आंदोलन

उत्तर: A

21. नालंदा का वातावरण कैसा था?

A) शांत और अध्ययनशील

B) शोरगुल वाला

C) युद्धमय

D) औद्योगिक

उत्तर: A

22. नालंदा में कौन-सी भाषा का अध्ययन होता था?

A) संस्कृत

B) पाली

C) दोनों

D) अंग्रेज़ी

उत्तर: C

23. नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना किस वंश के समय हुई?

A) गुप्त वंश

B) मौर्य वंश

C) मुगल वंश

D) चोल वंश

उत्तर: A

24. नालंदा विश्वविद्यालय का मुख्य उद्देश्य क्या था?

A) ज्ञान का प्रसार

B) व्यापार

C) युद्ध

D) राजनीति

उत्तर: A

25. नालंदा के पुस्तकालय में क्या सुरक्षित था?

A) बहुमूल्य ग्रंथ

B) हथियार

C) सोना

D) कपड़े

उत्तर: A

26. "भारत का पुरातन विद्यापीठ" पाठ किस विषय पर आधारित है?

A) नालंदा विश्वविद्यालय

B) ताजमहल

C) लाल किला

D) कुतुब मीनार

उत्तर: A

27. नालंदा का महत्व किस कारण था?

A) विश्वस्तरीय शिक्षा

B) व्यापार

C) कृषि

D) राजनीति

उत्तर: A

28. नालंदा में शिक्षा प्राप्त करने के लिए क्या आवश्यक था?

A) योग्यता

B) धन

C) जाति

D) सिफारिश

उत्तर: A

29. डॉ. राजेंद्र प्रसाद का संबंध किस क्षेत्र से था?

A) शिक्षा और राष्ट्रसेवा

B) व्यापार

C) उद्योग

D) खेल

उत्तर: A

30. इस पाठ का मुख्य संदेश क्या है?

A) भारत की प्राचीन शिक्षा परंपरा पर गर्व करना

B) व्यापार बढ़ाना

C) युद्ध करना

D) उद्योग स्थापित करना

उत्तर: A

बिहार बोर्ड कक्षा 9 गोधूली # 'कहानी का प्लॉट' MCQ #शिवपूजन सहाय

 बिहार बोर्ड कक्षा 9 के हिंदी पाठ्यक्रम (गोदली) में संकलित शिवपूजन सहाय की प्रसिद्ध कहानी 'कहानी का प्लॉट' दहेज प्रथा और वृद्ध-विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों पर करारा व्यंग्य करती है। इसके मुख्य पात्रों में मुंशी जी, उनकी बेटी भगजोगनी और दरोगा जी शामिल हैं। 

यहाँ इस अध्याय पर आधारित 30 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) उनके उत्तर के साथ दिए गए हैं:

1. 'कहानी का प्लॉट' पाठ के लेखक कौन हैं?

(क) प्रेमचंद

(ख) फणीश्वरनाथ रेणु

(ग) शिवपूजन सहाय

(घ) महादेवी वर्मा 

2. शिवपूजन सहाय का जन्म कहाँ हुआ था?

(क) बलिया (उत्तर प्रदेश)

(ख) डुमराँव (बिहार)

(ग) पटना (बिहार)

(घ) मुजफ्फरपुर (बिहार) 

3. मुंशी जी का नाम क्या था?

(क) रामेश्वरनाथ

(ख) रामखिलावन

(ग) रामदीन

(घ) शालिग्राम 

4. मुंशी जी की मृत पत्नी की कन्या का नाम क्या था?

(क) चंपा

(ख) कस्तूरी

(ग) भगजोगनी

(घ) सुमित्रा 

5. कहानी में 'भगजोगनी' क्या थी?

(क) मुंशी जी की बहन

(ख) मुंशी जी की पत्नी

(ग) मुंशी जी की विधवा बेटी

(घ) मुंशी जी की अत्यंत रूपवती कन्या 

6. भगजोगनी के पिता की आर्थिक स्थिति कैसी थी?

(क) बहुत धनी

(ख) मध्यमवर्गीय

(ग) अत्यंत निर्धन

(घ) राजा के समान 

7. मुंशी जी की बेटी का विवाह किसके साथ तय किया गया था?

(क) एक युवा लड़के के साथ

(ख) एक अमीर व्यापारी के साथ

(ग) एक अधेड़ उम्र के दरोगा जी के साथ

(घ) किसी के साथ नहीं 

8. मुंशी जी किस कुरीति के कारण अपनी जवान बेटी का विवाह एक अधेड़ व्यक्ति से करने को विवश थे?

(क) बाल विवाह

(ख) दहेज प्रथा

(ग) अनमेल विवाह

(घ) पर्दा प्रथा 

9. मुंशी जी की छाती पर पत्थर रखकर अपनी बेटी का विवाह किससे करना पड़ा?

(क) दरोगा जी से

(ख) अपने छोटे भाई से

(ग) एक वृद्ध से

(घ) अपने से 41-42 साल बड़े व्यक्ति से 

10. विवाह के कितने वर्ष बाद दरोगा जी (भगजोगनी के वृद्ध पति) की मृत्यु हो गई?

(क) पाँच वर्ष

(ख) तीन वर्ष

(ग) एक वर्ष

(घ) दस वर्ष 

11. भगजोगनी के पति की मृत्यु के बाद घर में कौन बचा था?

(क) केवल भगजोगनी

(ख) मुंशी जी

(ग) नौकर

(घ) कोई नहीं 

12. मुंशी जी भगजोगनी को अपनी गोद में बैठाकर फूट-फूटकर क्यों रोने लगे?

(क) भगजोगनी की सुंदरता देखकर

(ख) दरोगा जी की संपत्ति को देखकर

(ग) अपनी गरीबी और भगजोगनी के वैधव्य (विधवा होने) को सोचकर

(घ) उसे ससुराल भेजने के कारण 

13. मुंशी जी के निधन के बाद गाँववालों ने उनके शव के साथ क्या किया?

(क) पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया

(ख) लावारिस समझकर दफना दिया

(ग) गले में घड़ा बाँधकर नदी में डुबा दिया

(घ) लावारिस मानकर छोड़ दिया 

14. मुंशी जी के शव को किस नदी में बहाया गया?

(क) गंगा

(ख) सोन

(ग) गंडक

(घ) कोसी 

15. मुंशी जी के निधन के बाद भगजोगनी का विवाह किससे हुआ?

(क) किसी दूसरे गाँव के व्यक्ति से

(ख) मुंशी जी के बड़े बेटे से

(ग) अपने सौतेले बेटे से

(घ) एक वृद्ध साहूकार से 

16. वर्तमान समाज में भगजोगनी के सौंदर्य को किसका 'स्वर्गीय धन' कहा गया है?

(क) उसके पिता का

(ख) उसके वर्तमान नवयुवक पति का

(ग) दरोगा जी का

(घ) गाँव के जमींदार का 

17. इस कहानी में समाज सुधार के बड़े-बड़े दावे करने वालों की क्या स्थिति बताई गई है?

(क) वे गरीबों की मदद करते हैं

(ख) वे अनमेल विवाह का विरोध करते हैं

(ग) वे दरिद्र कन्या से विवाह करने से आनाकानी करते हैं

(घ) वे बढ़-चढ़कर दान करते हैं 

18. लेखक शिवपूजन सहाय ने समाज के किस वर्ग पर करारा व्यंग्य किया है?

(क) जो दहेज प्रथा का समर्थन करते हैं

(ख) जो समाज सुधार के केवल ढोंग करते हैं और असलियत में स्वार्थी होते हैं

(ग) जो धर्म का पालन नहीं करते हैं

(घ) जो अशिक्षित हैं 

19. भगजोगनी का यौवन किसके लिए एक अभिशाप और वरदान दोनों बन गया?

(क) स्वयं उसके लिए

(ख) मुंशी जी के लिए

(ग) समाज के लिए

(घ) दरोगा जी के लिए 

20. 'कहानी का प्लॉट' का केंद्रीय भाव क्या है?

(क) नारी की लाचारी और सामाजिक विडंबना

(ख) धार्मिक पाखंड

(ग) देशभक्ति

(घ) प्रकृति प्रेम 

21. भगजोगनी का पहला पति कौन था?

(क) मुंशी जी

(ख) दरोगा जी

(ग) उसका सौतेला बेटा

(घ) कोई नहीं 

22. भगजोगनी का दूसरा पति कौन है?

(क) दरोगा जी

(ख) मुंशी जी

(ग) उसका सौतेला बेटा

(घ) लेखक 

23. मुंशी जी के निधन के बाद भगजोगनी कैसी अवस्था में थी?

(क) वृद्ध अवस्था

(ख) बाल अवस्था

(ग) पूर्ण युवती (भरा-पूरा शरीर)

(घ) बीमार अवस्था 

24. 'कहानी का प्लॉट' साहित्य की कौन सी विधा है?

(क) उपन्यास

(ख) नाटक

(ग) कहानी

(घ) निबंध 

25. दहेज प्रथा के कारण कौन सा दुखद पहलू कहानी में उभर कर आता है?

(क) लड़की को शिक्षा न मिलना

(ख) लड़की का वृद्ध से विवाह

(ग) लड़की का घर से भाग जाना

(اهد) दहेज में अधिक धन का खर्च होना 

26. शिवपूजन सहाय को कौन सी उपाधि प्राप्त थी?

(क) साहित्य वाचस्पति

(ख) राष्ट्रकवि

(ग) पद्मश्री

(घ) उपन्यास सम्राट 

27. कहानी में "भगजोगनी को डोला काढ़कर कौन ले गया"?

(क) दरोगा जी

(ख) एक युवा लड़का

(ग) सौतेला बेटा

(घ) मुंशी जी के मित्र 

28. मुंशी जी की मृत्यु का मुख्य कारण क्या था?

(क) वृद्धावस्था

(ख) बीमारी

(ग) बेटी की चिंता और बुढ़ापे की लाचारी

(घ) दुर्घटना 

29. कहानी में समाज की किस क्रूर परंपरा का वर्णन है?

(क) सती प्रथा

(ख) वृद्ध-विवाह और दहेज प्रथा

(ग) बाल-श्रम

(घ) छुआछूत 

30. लेखक ने भगजोगनी को कैसी कन्या बताया है?

(क) सामान्य

(ख) कुरूप

(ग) अलौकिक रूपवती

(घ) अत्यधिक शिक्षित 

उत्तरमाला:

(ग) | 2. (ख) | 3. (ख) | 4. (ग) | 5. (घ) | 6. (ग) | 7. (ग) | 8. (ख) | 9. (घ) | 10. (ग) | 11. (घ) | 12. (ग) | 13. (ग) | 14. (क) | 15. (ग) | 16. (ख) | 17. (ग) | 18. (ख) | 19. (क) | 20. (क) | 21. (ख) | 22. (ग) | 23. (ग) | 24. (ग) | 25. (ख) | 26. (क) | 27. (क) | 28. (ग) | 29. (ख) | 30. (ग) 

अगर आप बिहार बोर्ड कक्षा 9 के हिंदी पाठ्यक्रम (गोधूलि या वर्णिका) के किसी अन्य अध्याय के MCQ, सारांश, या प्रश्न-उत्तर प्राप्त करना चाहते हैं, तो कृपया उस अध्याय का नाम मुझे बताएं ।

कक्षा 9 (बिहार बोर्ड – हिंदी गोधूलि) पाठ: रैदास #raidas mcq

 कक्षा 9 (बिहार बोर्ड – हिंदी गोधूलि)

पाठ: रैदास

20 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ)

1. रैदास किस काल के कवि थे?

A) आदिकाल

B) भक्तिकाल

C) रीतिकाल

D) आधुनिक काल

2. रैदास किस भक्ति धारा के कवि थे?

A) सगुण भक्ति

B) निर्गुण भक्ति

C) वीरगाथा

D) छायावाद

3. रैदास का जन्म किस जाति में हुआ था?

A) ब्राह्मण

B) क्षत्रिय

C) चर्मकार

D) वैश्य

4. रैदास के गुरु कौन थे?

A) कबीर

B) स्वामी रामानंद

C) तुलसीदास

D) सूरदास

5. रैदास ने किसका विरोध किया?

A) जाति-पाँति और छुआछूत

B) शिक्षा

C) व्यापार

D) खेती

6. रैदास किसके समर्थक थे?

A) ऊँच-नीच

B) समानता और मानवता

C) हिंसा

D) युद्ध

7. रैदास की वाणी किस ग्रंथ में संकलित है?

A) रामचरितमानस

B) गुरु ग्रंथ साहिब

C) गीता

D) वेद

8. रैदास की भाषा क्या थी?

A) संस्कृत

B) ब्रज और साधुक्कड़ी

C) अंग्रेज़ी

D) उर्दू

9. रैदास का मुख्य संदेश क्या था?

A) प्रेम और भक्ति

B) युद्ध

C) धन

D) राजनीति

10. रैदास के अनुसार ईश्वर कहाँ निवास करते हैं?

A) केवल मंदिर में

B) प्रत्येक प्राणी के हृदय में

C) केवल आकाश में

D) केवल नदी में

11. रैदास के पदों में किस रस की प्रधानता है?

A) वीर रस

B) भक्ति रस

C) हास्य रस

D) करुण रस

12. रैदास का जीवन किसका उदाहरण है?

A) सादगी और भक्ति

B) विलासिता

C) युद्ध

D) व्यापार

13. रैदास किस संत परंपरा से जुड़े थे?

A) निर्गुण संत परंपरा

B) वैष्णव परंपरा

C) शैव परंपरा

D) जैन परंपरा

14. रैदास ने किसे सबसे बड़ा माना?

A) धन

B) भक्ति

C) शक्ति

D) राज्य

15. रैदास के अनुसार सच्चा मनुष्य कौन है?

A) जो जाति का अभिमान करे

B) जो सभी से प्रेम करे

C) जो धनवान हो

D) जो शक्तिशाली हो

16. रैदास की रचनाओं में किस भावना की प्रधानता है?

A) प्रेम और समानता

B) घृणा

C) क्रोध

D) अहंकार

17. रैदास का प्रसिद्ध शिष्य कौन माना जाता है?

A) मीराबाई

B) अकबर

C) तुलसीदास

D) रहीम

18. रैदास के पदों की भाषा कैसी है?

A) सरल और सहज

B) कठिन

C) संस्कृतनिष्ठ

D) विदेशी

19. रैदास किसके विरुद्ध थे?

A) भेदभाव

B) शिक्षा

C) परिश्रम

D) ईमानदारी

20. रैदास के पद हमें क्या शिक्षा देते हैं?

A) प्रेम, समानता और ईश्वर-भक्ति

B) युद्ध करना

C) धन कमाना

D) दूसरों से घृणा करना

मंझन की कविता #manjhan class 9 bihar board godhuli

कविता के साथ
1. कवि ने प्रेम को संसार में अँगूठी के नगीने के समान अमूल्य माना है। इस पंक्ति को ध्यान में रखते हुए कवि के अनुसार प्रेम के स्वरूप का वर्णन करें।
  • उत्तर: कवि के अनुसार प्रेम इस सृष्टि का सबसे मूल्यवान और केंद्रीय तत्व है। जैसे एक अँगूठी का पूरा सौंदर्य और महत्व उसके मध्य में जड़े कीमती नगीने (रत्न) से होता है, ठीक उसी तरह इस पूरे संसार का अस्तित्व और गौरव प्रेम के कारण ही है। प्रेम ही वह प्रकाश है जिससे पूरी सृष्टि आलोकित होती है। इसके बिना संसार अंधकारमय और अर्थहीन है।
2. कवि ने सच्चे प्रेम की क्या कसौटी बताई है?
  • उत्तर: कवि ने सच्चे प्रेम की कसौटी आत्म-विसर्जन यानी सर्वस्व समर्पण बताई है। उनके अनुसार जो व्यक्ति प्रेम के मार्ग पर चलते हुए अपने अहंकार, स्वार्थ और यहाँ तक कि अपने प्राणों की बाजी लगाने को तैयार रहता है (सिर दे देता है), वही सच्चा प्रेमी है। सच्चा प्रेम पाने के लिए खुद को पूरी तरह मिटाना पड़ता है।
3. 'पेम गहा बिधि परगट आवा' से कवि ने मनुष्य की किस प्रवृत्ति की ओर संकेत किया है?
  • उत्तर: इस पंक्ति के माध्यम से कवि ने मनुष्य की ईश्वर-प्राप्ति की मूल प्रवृत्ति (आध्यात्मिक झुकाव) की ओर संकेत किया है। कवि का मानना है कि जब मनुष्य के हृदय में सच्चे प्रेम का उदय होता है, तभी उसके भीतर छिपी हुई दैवीयता या विधाता का रूप प्रकट होता है। प्रेम के बिना मनुष्य ईश्वर के वास्तविक स्वरूप को नहीं पहचान सकता।
4. आज मनुष्य ईश्वर को इधर-उधर खोजता फिरता है लेकिन कवि मंझन का मानना है कि जिस मनुष्य ने भी प्रेम को गहराई से जान लिया स्वयं ईश्वर वहाँ प्रकट हो जाते हैं। यह भाव किन पंक्तियों से व्यंजित होता है?
  • उत्तर: यह भाव निम्नलिखित पंक्तियों से व्यंजित होता है:
    "पेम गहा बिधि परगट आवा। पेम बिना कोउ पार न पावा॥"
    (अर्थात्: जिसने प्रेम को धारण किया, उसके सामने विधाता स्वयं प्रकट हो गए। प्रेम के बिना कोई भी इस संसार सागर से पार नहीं पा सकता।)
5. कवि की मान्यता है कि प्रेम के पथ पर जिसने भी अपना सिर दे दिया वह राजा हो गया। यहाँ 'सिर देना' का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
  • उत्तर: यहाँ 'सिर देना' का अर्थ शारीरिक रूप से मृत्यु को प्राप्त होना नहीं है, बल्कि इसका गहरा आध्यात्मिक अर्थ है:
    • अपने अहंकार (घमंड) को पूरी तरह समाप्त करना
    • अपने स्वार्थ और 'मैं' की भावना को मिटाकर प्रियतम (या ईश्वर) के प्रति पूर्ण समर्पित हो जाना
      • प्रेम के मार्ग में आने वाले कष्टों को सहने के लिए हर समय तत्पर रहना।
    • 6. प्रेम से व्यक्ति के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है? पठित पदों के आधार पर उत्तर दीजिए।
      • उत्तर: पठित पदों के आधार पर प्रेम का व्यक्ति के जीवन पर निम्नलिखित प्रभाव पड़ता है:
        • व्यक्ति का जीवन सार्थक और अमर हो जाता है।
        • मनुष्य का अहंकार नष्ट हो जाता है और वह उदार बनता है।
        • उसके भीतर आध्यात्मिक सौंदर्य और परिपक्वता आती है।
        • व्यक्ति को ईश्वर का साक्षात्कार होता है और वह संसार के जन्म-मरण के बंधन (काल के चक्र) से मुक्त हो जाता है।
      7. सप्रसंग व्याख्या करें -
      "पेम हाट चहुँ दिसि है पसरीगो बनिजौ जे लोइ।"
      "लाहा औ फल गाहक जनि डहकावै कोइ॥"
      • संदर्भ व प्रसंग: प्रस्तुत पंक्तियाँ सूफी संत-कवि मंझन द्वारा रचित 'मधुमालती' (प्रेम-हाट खंड) से ली गई हैं। इसमें कवि ने संसार को एक बाजार और प्रेम को उसमें बिकने वाली सबसे कीमती वस्तु बताया है।
      • व्याख्या: कवि कहते हैं कि इस संसार में चारों तरफ प्रेम का बाजार (हाट) लगा हुआ है। जिस किसी को भी लाभ कमाना हो, वह इस बाजार से प्रेम रूपी वस्तु का व्यापार (सौदा) कर ले। इस प्रेम के बाजार में खरीदार (ग्राहक) को कभी धोखा नहीं होता; यहाँ कदम रखने वाले हर व्यक्ति को जीवन का असली लाभ और मोक्ष रूपी फल अवश्य प्राप्त होता है।
      • 8. भाव-सौंदर्य स्पष्ट करें -
        • (क) एक बार जो मरि जीउ पावै। काल बहुरि तेहि नियर न आवै॥
          • भाव-सौंदर्य: इस पंक्ति में सूफी विचारधारा के 'अमरत्व' का सुंदर भाव व्यक्त हुआ है। कवि का भाव यह है कि जो व्यक्ति प्रेम के मार्ग में एक बार अपने अहंकार को मारकर (सांसारिक रूप से मरकर) नया आध्यात्मिक जीवन पाता है, वह अमर हो जाता है। मृत्यु (काल) फिर कभी उसके पास नहीं फटकती।
        • (ख) मिरितु क फल अंमृत होइ गया। निहचै अंमर ताहि कै कया॥
          • भाव-सौंदर्य: यहाँ विरोधाभास अलंकार के माध्यम से प्रेम की महिमा गाई गई है। कवि का भाव है कि सच्चे प्रेमी के लिए मृत्यु का कड़वा फल भी अमृत के समान जीवनदायी बन जाता है। जो प्रेम में खुद को मिटा देता है, उसकी काया (शरीर/आत्मा) निश्चित रूप से अमर हो जाती है।
        9. प्रेम में सर्वस्व समर्पण से व्यक्ति के निजी जीवन में आत्मिक सुंदरता आ जाती है, वह परिपक्वता कवि के विचारों में किस प्रकार आती है? स्पष्ट करें।
        • उत्तर: कवि मंझन के अनुसार, जब व्यक्ति प्रेम में अपना सब कुछ न्योछावर कर देता है, तो उसका मन सांसारिक विकारों (लोभ, मोह, क्रोध) से मुक्त हो जाता है। यह त्याग उसके भीतर एक गहरी शांति और 'आत्मिक सुंदरता' पैदा करता है। कवि के विचारों में यह परिपक्वता तब दिखती है जब वे कहते हैं कि प्रेम की इस तपन से गुजरकर ही मनुष्य 'अमृतत्व' को प्राप्त करता है और साधारण मानव से दिव्य पुरुष बन जाता है।
        10. प्रेम की शरण में जाने पर जीव की क्या स्थिति होती है?
        • उत्तर: प्रेम की शरण में जाने पर जीव सांसारिक बंधनों और दुखों से मुक्त हो जाता है। उसका भय समाप्त हो जाता है और उसे परम आनंद की अनुभूति होती है। वह काल (मृत्यु) के चक्र से ऊपर उठकर अमर हो जाता है और उसका मिलन सीधे परमात्मा से हो जाता है।

बुधवार, 15 जुलाई 2026

रैदास #PRSNOTTAR#raidas class 9 bseb

 कविता के साथ 

1. रैदास ईश्वर की कैसी भक्ति करते हैं?
रैदास ईश्वर की दास्य भाव (सेवक के रूप में) की भक्ति करते हैं। वे स्वयं को तुच्छ और अपने आराध्य को सर्वोपरि मानते हैं। वे प्रभु को स्वामी और स्वयं को उनका दास मानकर पूर्ण आत्मसमर्पण करते हैं।
2. कवि ने 'अब कैसे छूटै राम नाम रट लागी' क्यों कहा है?
कवि के मन में राम के नाम की ऐसी लगन लग चुकी है जो अब छूट नहीं सकती। वे प्रभु के रंग में पूरी तरह रंग चुके हैं। जिस तरह कोई गहरी आदत बन जाती है, वैसे ही राम नाम उनके जीवन का अभिन्न अंग बन गया है।
3. कवि ने भगवान और भक्त की तुलना किन-किन चीज़ों से की है?कवि ने भगवान और भक्त की तुलना निम्नलिखित चीज़ों से की है:चंदन और पानीबादल और मोरचाँद और चकोर पक्षीदीपक और बातीमोती और धागासोना और सुहागा
4. कवि ने अपने ईश्वर को किन-किन नामों से पुकारा है?कवि ने अपने ईश्वर को राम, हरी, स्वामी, गोविंद, लाल (लालन), और गरीब नेवाजु (गरीब नवाज) जैसे नामों से पुकारा है।
5. कविता का केंद्रीय भाव क्या है?इस कविता का केंद्रीय भाव सच्ची, निश्छल और अनन्य भक्ति है। कवि बताते हैं कि ईश्वर और भक्त के बीच कोई दूरी नहीं है, दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। बाह्य आडंबरों को छोड़कर मन की पवित्रता और आत्मसमर्पण ही सच्ची पूजा है।
6. पहले पद की प्रत्येक पंक्ति के अंत में तुकांत शब्दों के प्रयोग से नाद-सौंदर्य आ गया है, यथा - पानी-समानी, मोरा-चकोरा। इस पद के अन्य तुकांत शब्द छाँटकर लिखें।पहले पद के अन्य तुकांत शब्द इस प्रकार हैं:बाती - रातीधागा - सुहागादासा - रैदासा
7. "मलयागिरि बेधियो भुअंगा। विष अम्रित दोऊ एकै संगा।" इस पंक्ति का आशय स्पष्ट करें।
इस पंक्ति का आशय यह है कि जिस प्रकार मलय पर्वत पर चंदन के वृक्षों से सांप लिपटे रहते हैं, फिर भी चंदन अपनी सुगंध नहीं छोड़ता, उसी प्रकार संसार में गुण और दोष (विष और अमृत) दोनों साथ रहते हैं। भक्त संसार की बुराइयों के बीच रहकर भी ईश्वर की भक्ति की सुगंध बनाए रखता है।
8. निम्नलिखित पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए -(क) जाकी अंग-अंग बास समानीभाव: ईश्वर रूपी चंदन के संपर्क में रहने के कारण भक्त के पूरे शरीर और मन में ईश्वर के प्रेम की सुगंध समा गई है।
(ख) जैसे चितवत चंद चकोराभाव: जिस प्रकार चकोर पक्षी बिना पलक झपकाए लगातार चंद्रमा को देखता रहता है, उसी प्रकार भक्त का मन भी लगातार अपने आराध्य का स्मरण करता रहता है।
(ग) थनहर दूध जो बछरू जुठारीभाव: कवि कहते हैं कि गाय के थन का दूध बछड़े ने पहले ही जूठा कर दिया है, इसलिए वे इस अपवित्र दूध को ईश्वर पर नहीं चढ़ाना चाहते। वे मन की शुद्धता को अधिक महत्व देते हैं।
9. रैदास अपने स्वामी राम की पूजा में कैसी असमर्थता जाहिर करते हैं?
रैदास कहते हैं कि प्रकृति की जिन चीज़ों (दूध, फूल, जल) से लोग ईश्वर की पूजा करते हैं, वे सब पहले से ही जूठी या अशुद्ध हैं (जैसे बछड़े द्वारा दूध, भँवरे द्वारा फूल)। इसलिए वे इन सांसारिक और अपवित्र वस्तुओं को चढ़ाकर पूजा करने में असमर्थता जताते हैं।
10. कवि अपने मन को चकोर के मन की भाँति क्यों कहते हैं?
चकोर पक्षी का प्रेम चंद्रमा के प्रति अटूट और एकाग्र होता है। कवि का मन भी चकोर की तरह केवल अपने प्रभु की ओर आकर्षित रहता है। वे दुनिया की अन्य चीजों को छोड़कर सिर्फ अपने ईश्वर को निहारना चाहते हैं।
11. रैदास के राम का परिचय दीजिए।
रैदास के राम निर्गुण और निराकार हैं। वे किसी मंदिर या मूर्ति में नहीं, बल्कि हर जीव के हृदय में बसते हैं। वे अत्यंत कृपालु, दयालु और 'गरीब निवाजु' (दीन-दुखियों का उद्धार करने वाले) हैं, जो समाज के अछूत और नीचे समझे जाने वाले लोगों को भी ऊँचा स्थान देते हैं।

12. 'मन ही पूजा मन ही धूप। मन ही सेऊँ सहज सरूप।' का भाव स्पष्ट करें।
  • भाव: कवि कहते हैं कि उनके लिए उनका मन ही पूजा की थाली है और मन के पवित्र विचार ही धूप-अगरबत्ती हैं। वे किसी बाहरी पाखंड या दिखावे के बिना, अपने मन के भीतर ही ईश्वर के सहज रूप की सेवा और आराधना करते हैं।

13. रैदास की भक्ति भावना का परिचय दीजिए।
रैदास की भक्ति भावना अनन्य, निश्छल और आडंबरहीन है। वे जाति-पाति और छुआछूत का विरोध करते हैं। उनकी भक्ति में गहरी विनम्रता है, जहाँ वे ईश्वर को सर्वशक्तिमान और स्वयं को एक साधारण सेवक मानते हैं।

14. पठित पद के आधार पर निर्गुण भक्ति की विशेषताएँ बताइए।
निर्गुण भक्ति की प्रमुख विशेषताएँ हैं:
  • ईश्वर का कोई निश्चित रूप या आकार नहीं होता, वह कण-कण में व्याप्त है।
  • बाहरी कर्मकांडों, तीथयात्रा, मूर्तिपूजा और बलि प्रथा का विरोध।
  • मन की पवित्रता, अंतरात्मा की शुद्धि और सच्चे प्रेम पर बल।

15. 'जाकी जोति बरै दिन राती' को स्पष्ट करें।
  • स्पष्टीकरण: इसका अर्थ है कि ईश्वर रूपी दीपक की लौ भक्त के हृदय में दिन-रात (चोबीसों घंटे) जलती रहती है। यह ईश्वरीय ज्ञान और प्रेम का ऐसा प्रकाश है जो कभी बुझता नहीं है और अज्ञानता के अंधकार को दूर रखता है।