पद-परिचय– “शब्द” भाषा की स्वतंत्र एवं सार्थक इकाई है और यही शब्द जब वाक्यों में प्रयुक्त हो जातें हैं तो पद कहलाते हैं | इन पदों के विषय में विस्तार से जानना अर्थात् इनका व्याकरणिक परिचय ही पद-परिचय कहलाते है |
जैसे :-छात्र पत्र लिख रहा है |
छात्र शब्द का पद-परिचय इस प्रकार होगा –
छात्र – जातिवाचक संज्ञा , पुल्लिंग , एकवचन , कर्ताकारक , लिख रहा है क्रिया का कर्ता |
पद-परिचय में निम्न बातों का विवरण देना पड़ता है –
1) संज्ञा- संज्ञा के भेद ( व्यक्तिवाचक, जातिवाचक , भाववाचक ) लिंग , वचन , कारक, पुरुष तथा क्रिया से सम्बन्ध |
2) सर्वनाम – सर्वनाम के भेद (पुरुषवाचक , निश्चयवाचक, अनिश्चयवाचक, प्रश्नवाचक, निजवाचक , सम्बन्धवाचक )लिंग , वचन , कारक तथा क्रिया के साथ संबंध |
3) विशेषण के भेद– ( गुणवाचक , संख्यावाचक , परिमाणवाचक , सार्वनामिक ) लिंग वचन कारक तथा क्रिया के साथ सम्बन्ध विशेष्य |
4) क्रिया – भेद ( अकर्मक , सकर्मक , द्विकर्मक ,संयुक्त , प्रेरणार्थक , नामधातु ,पूर्वकालिक ) वाच्य , काल, वचन , धातु |
5) क्रिया विशेषण – भेद, रीतिवाचक , कालगायक , स्थानवाचक , परिमाणवाचक|
6) समुच्चयबोधक– भेद (समानाधिकरण , व्यधिकरण) शब्दों के साथ सम्बन्ध |
7) संबंधबोधक– भेद , सूचक (कालसूचक , दिशासूचक इत्यादि ) संज्ञा तथा सर्वनामों का निर्देश |
8) विस्मयादिबोधक- भेद तथा मनोभाव (हर्ष , घृणा , प्रशंसा , तिरस्कार, चेतावनी , विस्मय , संबोधन , शोक )
1) उदहारण स्वरुप
वह आम खाता है |
वह – पुरुषवाचक सर्वनाम , अन्य पुरुष , एकवचन , पुल्लिंग , कर्ताकारक
आम – जातिवाचक संज्ञा, एकवचन , पुल्लिंग , कर्म कारक
खाता है – सकर्मक क्रिया , एकवचन , पुल्लिंग कर्तृवाच्य, वर्तमान काल |
हम अपने देश पर मर मिटेंगे |
हम - पुरुषवाचक सर्वनाम, उत्तम पुरुष , पुल्लिंग , बहुवचन , कर्ता कारक |
अपने – सर्वनाम, निजवाचाक, पुल्लिंग , एकवचन, सम्बन्ध कारक ( देश से सम्बन्ध ) |
देश पर – संज्ञा जातिवाचक , पुल्लिंग , एकवाचक , अधिकरण कारक |
मर मिटेंगे – अकर्मक क्रिया, पुल्लिंग, बहुवचन, भविष्यत् काल, अपूर्ण पक्ष, कर्तृवाच्य |
मोहन स्कूल जाता है|
मोहन – व्यक्तिवाचक संज्ञा , पुल्लिंग , एकवचन , कर्ता कारक |
स्कूल – जातिवाचक संज्ञा , पुल्लिंग , एकवचन , कर्म कारक |
जाता है – क्रिया , सकर्मक क्रिया , कर्तृवाच्य, पुल्लिंग , एकवचन , वर्तमान काल|
अहा! उपवन में सुन्दर फूल खिले हैं |
अहा ! – विस्मयबोधक अव्यय , हर्षसूचक |
उपवन में – जातिवाचक संज्ञा , पुल्लिंग , एकवचन अधिकरण कारक |
सुन्दर – गुणवाचक विशेषण , पुल्लिंग , बहुवचन |
फूल – जातिवाचक संज्ञा , पुल्लिंग , बहुवचन |
खिले हैं – अकर्मक क्रिया , पुल्लिंग , बहुवचन , कर्तृवाच्य , वर्तमानकाल |
2) रेखांकित पदों के पद-परिचय दें -
मैं कल बीमार था , इसीलिए विद्यालय नहीं आया |
मैं – पुरुषवाचक सर्वनाम , उत्तम पुरुष , पुल्लिंग , एकवचन , कर्ता कारक , “था” और “आया” क्रिया का कर्ता|
विद्यालय – जातिवाचक संज्ञा , पुल्लिंग , एकवचन , कर्म कारक , “आया” क्रिया का अधिकरण |
बच्चों ने अपना काम कर लिया था|
बच्चों नें – जातिवाचक संज्ञा , पुल्लिंग , बहुवचन , कर्ता कारक |
कर लिया था - - सकर्मक क्रिया , पुल्लिंग , बहुवचन , “कर” धातु भूतकाल , कर्तृवाच्य |
मनोहर दसवीं कक्षा में पढ़ता है |
दसवीं – संख्या वाचक विशेषण , क्रम सूचक , स्त्रीलिंग , एकवचन , कक्षा - “विशेष्य” |
मैं उसे आगरा में मिलूँगा |
आगरा – व्यक्तिवाचक संज्ञा , पुल्लिंग , एकवचन , अधिकरण कारक , “मिलूँगा” क्रिया का अधिकरण (स्थान )|
प्रश्न अभ्यास
1) वाक्यों में रेखांकित पदों का पद-परिचय दीजिये –
(क) छोटी बच्ची हँस भी क्या हो सकता है ?
(ग) लता सुन्दर है |
(घ) भारत महान देश है |
(ङ) सफलता परिश्रमी के कदम चूमती है |
(च) तुम भी सुन्दर लिख सकते हो |
(छ) शीला आठवीं कक्षा में पढ़ती है |
(ज) वह खाना बना सकती है |
(झ) श्याम सो गया |
(ञ) राम ने रावण को मारा |
(ट) मैं धीरे-धीरे चलता हूँ |
(ठ) कल हमने ताजमहल देखा |
(ड) हिमालय पर बर्फ जमी रहती है |
(ढ) यह किताब मेरी है |
ऐसा भी क्या हो सकता है| - इसका उत्तर क्या होगा|
जवाब देंहटाएंI don't understand what r you wanted to explain please explain it again in easy language
जवाब देंहटाएंइस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
जवाब देंहटाएंHello sir
हटाएंCopied item😡
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