शनिवार, 18 जनवरी 2025

SBA kya hai वि‌द्यालय आधारित आकलन क्या है

 वि‌द्यालय आधारित आकलन  से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों का समाधान

1. What is School Based Assessment? How is it different from previous assessment practices?


वि‌द्यालय आधारित आकलन क्या है? यह पूर्व के आकलन पद्धतियों से किस प्रकार भिन्न है?


Ans. विद्यालय आधारित आकलन (SBA) एक सतत प्रक्रिया है. यह शिक्षण-अधिगम की प्रक्रिया के दौरान सीखने के नतीजों का आकलन करता है. यह पूर्व के आकलन तरीकों से अलग है क्योंकि इसमें शिक्षकों को रिकॉर्डिंग, प्रलेखन, और रिपोर्टिंग का ज़्यादा काम नहीं करना पड़ता.

विद्यालय आधारित आकलन की खासियतें:

i. यह बाल-केंद्रित और गतिविधि-आधारित होता है.

ii. यह शिक्षण-अधिगम और आंकड़ों को एकीकृत करता है.

iii. यह शिक्षण प्रक्रिया के साथ सीखने की क्रियाओं से जुड़े अनुभवों का आकलन करता है.

iv. यह शिक्षकों को छात्रों की क्षमताओं का बेहतर आकलन करने में मदद करता है.

v. यह छात्रों को निदान के ज़रिए ज़्यादा से ज़्यादा सीखने में मदद करता है.


2. What is itern analysis? What role does it play in assessmant?


एकांश विश्लेषण क्या है? आकलन में इसकी क्या भूमिका है?


ANS. एकांश विश्लेषण, किसी परीक्षण के एकांशों की विशेषताओं का अध्ययन करने की प्रक्रिया है. यह आकलन प्रक्रिया में एक अहम भूमिका निभाता है. एकांश विश्लेषण के ज़रिए, परीक्षण के एकांशों की कठिनाई, स्पष्टता, अस्पष्टता, विभेदन शक्ति वगैरह का पता चलता है.

एकांश विश्लेषण की भूमिका:

I. एकांश विश्लेषण के ज़रिए, परीक्षण के एकांशों की कठिनाई, स्पष्टता, अस्पष्टता, विभेदन शक्ति वगैरह का पता चलता है.

II. यह लिकर्ट-स्केल बनाने का अहम चरण है.

iii. एकांश विश्लेषण के ज़रिए, परीक्षण के एकांशों के बीच सह संबंध का पता चलता है.


@ एकांश विश्लेषण में इन बातों का ध्यान रखा जाता है:

i. एकांश, परीक्षण से संगत होना चाहिए.

ii. एकांश का कठिनाई स्तर, परीक्षण के स्वरूप के मुताबिक होना चाहिए.

iii. एकांश, परीक्षण के उद्देश्य के मुताबिक होना चाहिए.

iv. एकांश, ज्ञान के स्तर के मुताबिक होना चाहिए.


3. What role does PTM play in assessment process?

आकलन प्रक्रिया में पी.टी.एम. की क्या भूमिका है?

ans. आकलन प्रक्रिया में पीटीएम यानी अभिभावक-शिक्षक बैठक, छात्रों की प्रगति पर चर्चा करने का एक तरीका है. यह बैठक, छात्रों के विकास और शिक्षा में माता-पिता की सहभागिता को बढ़ाने में मदद करती है. पीटीएम के ज़रिए, माता-पिता को अपने बच्चे की प्रगति के बारे में जानकारी मिलती है और बच्चे की शिक्षा में सुधार के लिए रणनीति बनाई जाती है.

पीटीएम की भूमिका:

i. पीटीएम में छात्रों की प्रगति रिपोर्ट पर चर्चा की जाती है.

ii. माता-पिता को अपने बच्चे के प्रदर्शन के बारे में जानकारी दी जाती है.

ii. माता-पिता को अपने बच्चे की शिक्षा में सुधार के लिए सुझाव दिए जाते हैं.

iv. माता-पिता और शिक्षक के बीच सहयोगात्मक लक्ष्य तय किए जाते हैं.

v. चुनौतियों का समाधान करने और सीखने के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए रणनीति बनाई जाती है.

vi. माता-पिता और शिक्षक के बीच दोस्ताना और उत्साहजनक संबंध बनाए जाते हैं.

vii. पीटीएम से छात्रों की खूबियां सामने आती हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है


4. What is Marking Scheme? Explain its importance in assessment.

अंकन योजना क्या है? मूल्यांकन में इसके महत्व को स्पष्ट करें।

Ans. अंकन योजना, छात्रों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए इस्तेमाल होने वाला एक खाका है. यह छात्रों को सीखने में मदद करती है और उनके प्रयासों का मूल्यांकन कैसे किया जाएगा, यह बताती है. अंकन योजना, मूल्यांकन में पारदर्शिता लाती है और छात्रों को सीखने के लिए प्रेरित करती है.

अंकन योजना के महत्व:

i. अंकन योजना, छात्रों के प्रदर्शन का निष्पक्ष मूल्यांकन करने में मदद करती है.

ii. यह छात्रों को सीखने के लिए प्रेरित करती है.

ii. अंकन योजना से छात्रों को यह पता चलता है कि उनके प्रयासों का मूल्यांकन कैसे किया जाएगा.

iv. अंकन योजना, परिणाम निर्धारित करने में असंगति से बचने में मदद करती है.

अंकन योजना के कुछ उदाहरण:

i. BITSAT परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग का इस्तेमाल किया जाता है.

ii. एडिनबर्ग विश्वविद्यालय में कॉमन मार्किंग स्केल और स्कूल मार्किंग मानदंड का इस्तेमाल किया जाता है.

iii.अंकन योजना में, परीक्षा में प्रश्नों के संभावित उत्तर संरचित किए जाते हैं.


5. What is blueprint in test development, and why is it essential for creating effective assessments? परीक्षण

निर्माण में ब्लूप्रिंट क्या है? आकलन को प्रभावी बनाने के लिए यह क्यों आवश्यक है?


Ans . निर्माण में ब्लूप्रिंट, किसी परियोजना के लिए ज़रूरी सभी जानकारी रखने वाला दो-आयामी चित्र होता है. वहीं, आकलन में ब्लूप्रिंट, परीक्षा के डिज़ाइन को तय करने के लिए तैयार किया जाने वाला चार्ट होता है. आकलन में ब्लूप्रिंट का इस्तेमाल, छात्रों के सीखने के नतीजों को सही तरीके से मापने के लिए किया जाता है.

निर्माण में ब्लूप्रिंट का महत्व:

i. ब्लूप्रिंट से परियोजना के आयामों का पता चलता है.

ii. ब्लूप्रिंट की मदद से परमिट के लिए आवेदन किया जाता है.

iii. ब्लूप्रिंट से निर्माण कार्यक्रम तय किया जाता है.

iv. ब्लूप्रिंट से निर्माण की लागत का अनुमान लगाया जाता है.

v. ब्लूप्रिंट से निर्माण की शेड्यूलिंग की जाती है.

vi. ब्लूप्रिंट से निर्माण में बेहतर सहयोग होता है.

vii. ब्लूप्रिंट से निर्माण में सूचित फ़ैसले लिए जाते हैं.

आकलन में ब्लूप्रिंट का महत्व:

i. ब्लूप्रिंट से परीक्षा बनाने वाले को पता चलता है कि हर सवाल किस उद्देश्य से और कितने अंकों का होगा.

ii. ब्लूप्रिंट से परीक्षा बनाने वाले को पता चलता है कि हर सवाल किस विषयवस्तु से संबंधित होगा.

iii. ब्लूप्रिंट से परीक्षा बनाने वाले को पता चलता है कि हर सवाल का रूप क्या होगा.


6. Explain how open-book assessments differ from traditional closed-book exams in assessing learning. सीखने का आकलन करने में खुली किताब आकलन पारंपरिक बंद किताब की परीक्षाओं से कैसे भिन्न है।

ans  खुली किताब आकलन और पारंपरिक बंद किताब की परीक्षाएं सीखने का आकलन करने के तरीके में अलग-अलग होती हैं. खुली किताब परीक्षा में छात्रों को अपनी पाठ्यपुस्तकें या नोट्स ले जाने की अनुमति होती है. वहीं, बंद किताब परीक्षा में छात्रों को किसी बाहरी चीज़ का इस्तेमाल नहीं करने दिया जाता.

खुली किताब परीक्षा और बंद किताब परीक्षा में अंतर:

i. खुली किताब परीक्षा में छात्रों को अवधारणाओं की गहरी समझ और अनुप्रयोग का आकलन किया जाता है. वहीं, बंद किताब परीक्षा में याद रखने और याद करने के कौशल का परीक्षण किया जाता है.

ii. खुली किताब परीक्षा में छात्रों को रटने के बजाय सोचने को बढ़ावा दिया जाता है.

iii. खुली किताब परीक्षा में छात्रों को अपनी किताबों से परामर्श लेने की अनुमति होती है.

खुली किताब परीक्षा में छात्रों को तनाव और चिंता के कम स्तर पर दक्षता के वांछित स्तर को प्राप्त करने के लिए कई संसाधनों का उपयोग करने की अनुमति होती है.


iv. आनंदपूर्ण आकलन दृष्टिकोण, मूल्यांकन के पारंपरिक तरीकों से इस तरह भिन्न है कि यह छात्रों के सीखने के अनुभव पर ध्यान केंद्रित करता है. वहीं, पारंपरिक मूल्यांकन में सीखने को वस्तुनिष्ठ रूप से मापने पर ज़ोर दिया जाता है.


7.  How does joyful assessment approach differ from traditional forms of assessment?

आनंदपूर्ण आकलन दृष्टिकोण मूल्यांकन के पारंपरिक रूपों से किस प्रकार भिन्न है?


Ans. आनंदपूर्ण आकलन दृष्टिकोण के बारे में ज़्यादा जानकारी:

यह दृष्टिकोण छात्रों को शैक्षणिक ज्ञान और कौशल सिखाने के साथ-साथ, उन्हें सीखने के अनुभव से जुड़ा अच्छा महसूस कराता है.

यह दृष्टिकोण छात्रों को सामाजिक कौशल और आत्मविश्वास देता है.

पारंपरिक मूल्यांकन के बारे में ज़्यादा जानकारी:

पारंपरिक मूल्यांकन में सीखने को वस्तुनिष्ठ रूप से मापा जाता है.

पारंपरिक मूल्यांकन में हर सवाल का एक सही जवाब होता है.

पारंपरिक मूल्यांकन में अक्सर बहुविकल्पीय सवाल, सत्य-असत्य सवाल, लघु उत्तर, और निबंध पूछे जाते हैं.

पारंपरिक मूल्यांकन में छात्रों के याद करने और स्मरण करने की क्षमता पर ज़ोर दिया जाता है.


8. What is PARAKH? Explain its significance in the context of NEP-2020.

परख क्या है? एनईपी-2020 के संदर्भ में इसका महत्व स्पष्ट करें।


ans .परख (PARAKH) एक राष्ट्रीय मूल्यांकन नियामक है. इसका फ़ुल फ़ॉर्म है - प्रदर्शन मूल्यांकन, समीक्षा, और समग्र विकास के लिए ज्ञान का विश्लेषण. यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत लॉन्च किया गया था. परख का मकसद, स्कूल बोर्डों को नए मूल्यांकन पैटर्न और शोध के बारे में सलाह देना है. 

परख के बारे में ज़्यादा जानकारी:

परख, एनसीईआरटी की एक घटक इकाई है. 

परख, स्कूल बोर्डों के बीच सहयोग को बढ़ावा देती है. 

परख, बड़े पैमाने पर मूल्यांकन, स्कूल-आधारित मूल्यांकन, और परीक्षा सुधार पर काम करती है. 

परख, राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एनएएस) और राज्य उपलब्धि सर्वेक्षण जैसे परीक्षण आयोजित करती है. 

परख, विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्कूल बोर्डों को एक मंच पर लाती है. 

परख, परीक्षा मूल्यांकन के लिए मानक, दिशानिर्देश, और मानदंड तय करती है. 

परख, प्रश्न पत्र बनाती है और परीक्षा आयोजित करती है. 

9. What is the difference between assessment for, of, and as learning?


सीखने के लिए, का और सीखने के रूप में आकलन के बीच क्या अंतर है?


Ans. सीखने के लिए आकलन और सीखने के रूप में आकलन, दोनों ही शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में उपयोगी होते हैं. सीखने के लिए आकलन, सीखने की प्रक्रिया के दौरान किया जाता है, जबकि सीखने के रूप में आकलन, छात्रों को अपने प्रदर्शन का आकलन करने में मदद करता है. 

सीखने के लिए आकलन और सीखने के रूप में आकलन में अंतर:

सीखने के लिए आकलन, सीखने की प्रक्रिया के दौरान किया जाता है. वहीं, सीखने के रूप में आकलन, छात्रों को अपने प्रदर्शन का आकलन करने में मदद करता है. 

सीखने के लिए आकलन, रचनात्मक होता है. वहीं, सीखने के रूप में आकलन, आत्म-परीक्षा होता है. 

सीखने के लिए आकलन, छात्रों की प्रगति की निगरानी करता है. वहीं, सीखने के रूप में आकलन, छात्रों को अपने ज्ञान में कमी की पहचान करने में मदद करता है. 

सीखने के लिए आकलन, छात्रों को उनके अधिगम लक्ष्यों को समझने में मदद करता है. वहीं, सीखने के रूप में आकलन, छात्रों को सीखने की सही रणनीति अपनाने में मदद करता है. 

सीखने के लिए आकलन, छात्रों की अभिप्रेरणा बढ़ाने में मदद करता है. वहीं, सीखने के रूप में आकलन,




10. How con Tools be designed to assess valuce and disposition in students?


अर्थ में मूल्यों और स्वभाव का आकलन करने के लिए आकलन उपकरण कैसे डिजाइन किए जा सकते हैं?


अर्थ में मूल्यों और स्वभाव का आकलन करने के लिए, आकलन उपकरणों को इस तरह से डिज़ाइन किया जा सकता है: 

इन उपकरणों का इस्तेमाल करके, संरचित और विश्वसनीय तरीके से मूल्यों का आकलन किया जा सकता है. 

इन उपकरणों का इस्तेमाल करके, शोध को संकेतकों या चिंतनशील संकेतों में अनुवाद किया जा सकता है. 

इन उपकरणों का इस्तेमाल करके, छात्रों के दृष्टिकोण, प्रेरणा, और स्वभाव का आकलन किया जा सकता है. 

इन उपकरणों का इस्तेमाल करके, छात्रों के बीच किसी उकसावे से प्रेरित चर्चा का समर्थन किया जा सकता है. 

आकलन उपकरणों के कुछ उदाहरण: परीक्षण, सर्वेक्षण, साक्षात्कार, अवलोकन. 

आकलन उपकरणों का इस्तेमाल करने के फ़ायदे:

इन उपकरणों से छात्रों की शैक्षणिक तैयारी, सीखने की प्रगति, और कौशल का आकलन किया जा सकता है. 

इन उपकरणों से छात्रों की कमज़ोरियां और ताकतों का पता चलता है. 

इन उपकरणों से छात्रों के विकास के क्षेत्रों का पता चलता है. 

इन उपकरणों से छात्रों के लिए अनुकूल शैक्षिक कार्यक्रमों का मार्गदर्शन किया जा सकता है.




 

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